
हिमाचल प्रदेश में नई बनी पंचायतों को एक महीने के भीतर पंचायत घरों के लिए जमीन तलाशने के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव से पहले प्रदेश में 389 पंचायतों का गठन किया है। अब इनमें चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इनमें काम सुचारु रूप से चलाने के लिए हर पंचायत के लिए पंचायत भवन का होना अनिवार्य है। ऐसे में नई बनी पंचायतों को एक महीने में पंचायत घर के लिए जमीन तलाश करने के लिए कहा गया है। जमीन तलाश करने के बाद भवन निर्माण में भी काफी समय लगेगा, ऐसे में सरकार ने कहा है कि नई पंचायतें अपने क्षेत्रों में महिला, युवक मंडल या स्कूलों में एक कमरे की व्यवस्था कर काम चलाएं।
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई पंचायतें भवन निर्माण के लिए जमीन देख लेंगी तो पहले चरण में निर्माण कार्य के लिए इन्हें पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि जारी की जाएगी। बताया जा रहा है कि एक पंचायत भवन के निर्माण और उसमें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कम से कम 25 लाख रुपये तक की राशि खर्च होगी। प्रदेश में कुल 3615 पंचायतों में से 3226 में पंचायत घर बने हुए हैं। नई बनी किसी भी पंचायत में पंचायत घर उपलब्ध नहीं है। उधर, राज्य पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने कहा कि सभी नई पंचायतों को पंचायत घर के निर्माण के लिए एक माह से भीतर जमीन तलाशने को कहा गया है। जब तक नया पंचायत घर नहीं मिलेगा, तब तक महिला मंडलों, युवक मंडलों या स्कूल के खाली कमरों से पंचायत का काम चलाया जा सकता है।
